वाह दीवाली
क्रैकर वाली
खीर मिठाई
लेकर आई
बर्फ़ीखोरी
भूल कैलोरी
सजी रंगोली
हँसी ठिठोली
खील बताशा
सुख की आशा
धन की आस
खेलाए ताश
तीन ठो पत्ती
गुल है बत्ती
फोड़ पटाखे
लड्डू खा के
धान का लावा
खोया मावा
दीप जले है
राग बले है
छँटे अँधेरा
तम का घेरा
लक्ष्मी का हो
घर में डेरा
रीद्धि सिद्धि
सुख में वृद्धि
शुभ औ लाभ
मलाई चाभ
मंगलमय हो
धरम की जय हो
रॉकेट बोतल
मदिरामय जल
है अब्जेक्शन
साथ रीऐक्शन
बम मत फोड़ो
ये डायरेक्शन
कैसे माने
ये ना जाने
हमपर ही सब
सेक्युलर ताने?
जले कैंडल
बंडल बंडल
आउटरेजित
ट्विटर हैंडल
मैं हूँ लिबरल
सुन मेरी गल
खोला मैंने
डीप ज्ञान-नल
नहीं सुनूँगा
यही कहूँगा
तेरे नल से
नहीं बहूँगा
पता है दोष
सुन उद्घोष
जय श्रीराम
अपने धाम
कर रावण का
काम तमाम

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here