मतलब सिद्ध
उड़ते गिद्ध
भांग घुली है
तर्क निषिद्ध
झूठ का नाच
सच पर आँच
जनपथ बाबा
फिर से लॉंच
ट्रोलम ट्रोल
वही बवाल
फ़ासीवाद
बिकट अवसाद
प्रेस्यागण
करते आबाद
कहे करेंसी
झूठ फ़ैंसी
फिर से आई
एमरजेंसी
टीवी काली
बातें जाली
ग़ज़ब है तान
सभी अजान
चलती जीभें
बंद हैं कान
एन डी टी वी
बाबा बीबी
नहीं दूर के
सभी क़रीबी
कर अपराध
निशाना साध;
“ग़ायब फ़्रीडम
बढ़ता है तम”
रडिया बरखा
‘न्यूजी’ चरख़ा
विघ्न हज़ार
मंद बज़ार
पेंशन खेला
रोज़ बवेला
वही प्रीति है
राजनीति है
फिर से शोर
मचाए चोर
फ़ॉगी दिल्ली
काली बिल्ली
रस्ता काटे
सबको डाँटे
उधर लोमड़ी
बांधे पगड़ी
गीयर दाब
चल पंजाब
ट्रैम्प है आगे
क्लिंटन भागे
वीकीलीक्स
टाइम्ली पीक्स
अद्भुत काल
संभाले ढाल
चोर-उचक्के
बुनते जाल

1 COMMENT

  1. दो दो शब्दों की कतार
    जैसे दोधारी तलवार
    वार करे, तंज कसे
    पाठक करे – वाह! वाह!

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