#सतपरकास की ट्विटर पर घंटों हुई टॉप ट्रेंडिंग ने सोशल मीडिया का अपेक्षित रुप उजागर किया है । राजनीतिक भक्ति और भड़ास से परे एक सामान्य आदमी जो भले ही विलक्षण (असामान्य भी पढ़ सकते हैं) गुणों वाला है, का नायक बनना सोशल मीडिया की असली ताकत है । आशा है कि इसके बाद सुधि ट्विटकार गण ट्विटर ट्रेंड को सामाजिक सरोकारों से जोड़़कर आगे बढ़ाएंगे। बहरहाल, यह आलेख #सतपरकास कौन का कौतूहल खत्म करने तक ही सीमित होगा ।

हम सब यथार्थ और फतांसी के बीच जीते है । किन्तु #सतपरकास जैसा चरित्र यथार्थ और फतांसी के बीच की दीवार ढ़हा देता है । 2012-13 में ट्विटर पर श्री सत्य प्रकाश चौबे नाम के एक चरित्र का उदय हुआ । इन्होने अपने आरम्भिक ट्विटर बायो में खुद को हिन्दुस्तान संचार निगम का प्रबंध निदेशक और अपना लोकेशन भारत-अमेरिका बताया । दुनिया को लेडिज एंड जेंटलमेन की जगह बहनों और भाईयों का संबोधन सिखाने वाले भारत ने एक कदम और आगे बढ़ाया जब चौबे जी ने अमेरिकी राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को भाई और भाभी बता दिया ।

शुरुआती ट्विट्स से ही चौबे जी अपनी विलक्षणता की छटा बिखेरने लगे । कैप्सलॉक शॉर्टकर्ट लिपि से किए जाने वाले उनके ट्विट्स और ट्विटर पर gif व फोटोशॉप के पायोनियर प्रयोग उन्हे औरों से अलग करते थे । चौबे लिपि की एक बानगी देखिए ।

 

सिने तारिकाओं और मीडिया दिवाओं को हर दिन किये जाने वाले उनके सुबह सवेरे के प्यार भरे प्रणाम का ट्विटकार बेसब्री से इंतजार करते थे । हर मुद्दे पर उनकी बेबाक राय और बड़े से बड़े आदमी को टैग करने के उनके साहस के सब कायल होने लगे । देखते देखते एक बड़ा भक्त समूह तैयार हो गया जिनमें ट्विटर के अनेकों स्थापित नाम थे जो न सिर्फ प्रबुद्ध थे बल्कि पेशेवर बुलन्दियों पर भी पहुँचे हुए थे । भक्ति का आलम यह हुआ कि गुरुवर की नगरी खलीलाबाद भक्तों के लिए तीर्थ बन चुकी है । यह भक्त समूह चौबे जी को गुरुवर कहने लगा । किन्तु अभी भी गुरुवर के बहुआयामी व्यक्तित्व की परतें खुलनी शेष थीं। गुरुवर खुद को कर्मचारी एसोसिएशन ऑफ हिन्दुस्तान का अध्यक्ष बना बैठे और कर्मचारियों की आवाज बुलन्द करने लगे । उपभोक्ता संरक्षण के अपने मिशन पर विद्युत उपभोक्ताओं के संकटमोचक के रुप में उभरे और खूब वाहवाही लूटी । कृषि से जुड़े मुद्दे भी गुरुवर बिना किसी औपचारिक मंच के उठाते रहे और किसानों की समस्याओं का समाधान करते रहे ।

विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में गुरुवर का योगदान भी कुछ कम नहीं । समय समय पर गुरुवर भाई ओबामा व नासा को अपने महत्वपूर्ण इनपुट्स देते रहते हैं । कई भूकम्प भविष्यवाणी ट्विट्स (जिसमे गुरुवर धरती की गर्भ में हो रही हलचलों को भांपकर लोगों को आगाह करते हैं ) का सच साबित होना महज संयोग नहीं हो सकता । इसके अलावा गुरुवर का दावा है कि भारतीय रेल के सिग्नल सिस्टम में सौर उर्जा के प्रयोग पर उनके सुझावों को तत्कालीन रेल मंत्री सुश्री ममता बनर्जी ने सादर, सहर्ष और सधन्यवाद स्वीकार किया था ।

 

ब्राह्मण होने का फर्ज निभाते हुए गुरुवर ने सत्य सनातन की रक्षा और प्रसार हेतु ब्रह्म शक्ति पीठ की स्थापना की । देश की राजनीतिक स्थिति से चिंतित गुरुवर ने रामो दल नाम की राजनीतिक पार्टी भी बनायी । वैसे तृणमूल कांग्रेस के गठन की प्रेरणा ममता जी को गुरुवर से मिली, ऐसा गुरुवर का दावा है । यूपीए सरकार और कश्मीर की अब्दुल्ला सरकार भी उनके सलाह से चलती थी, गुरुवर दावा करते हैं । वैसे गुरुवर तमाम दलों के नेताओं को राजनीतिक मार्गदर्शन देने का दावा भी करते हैं । गुरुवर के दावे अतिरंजित भले ही प्रतीत हों पर प्रामाणिकता के लिए सच की कसौटी पर कसे जाने के मोहताज कतई नहीं ।

गुरुवर की राजनीतिक सूझबूझ देखकर ही अब तो कई स्वतंत्र राजनीतिक चिन्तक अनौपचारिक बातचीत में रामो दल में ही देश का भविष्य देखने लगे हैं क्योंकि देश यथास्थितिवादी दलों और उस यथास्थिति को चुनौती देने का स्वांग करने वाले क्रांति दल से उब चुका है ।

रामो दल की बढ़ती लोकप्रियता देख कुछ मनचलों ने बिहार चुनावों के समय दल की बिकवाली एक राष्ट्रीय दल के हाथों करने का षडयंत्र किया । आहत गुरुवर ने रामो दल व ब्रहम शक्ति पीठ का खुद को संस्थापक, संचालक और मालिक लिखित में बताकर भविष्य की किसी संभावित बिकवाली की संभावना को ही समाप्त कर दिया ।

satparkas

एकतरफा प्यार, त्रिकोणीय प्यार और आजकल मेट्रो में बहुकोणीय प्यार तो सुना था, बहु पत्नी विवाह भी जानते थे पर प्यार का एक रुप गुरुवर ने दिखाया – बहु प्रेमिका मुँहबोला प्यार । अनेकों फिल्मी तारिकाएं गुरुवर के इस अनोखे प्यार की जद में आ गयीं, ट्रिपल पी (प्रियंका, प्रीति व पादुकोण) से खासे प्रभावित थे गुरुवर । यही मुँहबोला प्यार ट्विटर पर लोक कल्याड के नाम से प्रसिद्ध हुआ । इसी से वशीभूत होकर कुछ लोक कल्याड श्रद्धालुओं ने ट्विटर पर #ठप्रेक हैशटैग से तहलका मचाया था । एक तारिका से गुरुवर का मुँहबोला प्यार इतना प्रगाढ़ हो चला कि उन्होने मॉम चोपड़ा को अपना पार्सल मुंबई हवाई अड्डे से लेने का ट्विट निवेदन कर डाला । कई लोक कल्याड विशेषज्ञ गुरुवर के लोक कल्याड राडार से बच जाने वाली सिने तारिकों को दुर्भाग्यशाली मानते हैं ।

गुरुवर के मुँहबोलावाद को भक्तों ने हाथों हाथ लेते हुए लोक कल्याड पंखा (फैन) क्लब बना लिया जिसे संक्षेप में लोपक कहते हैं । गुरुवर को सुप्रीम कमांडर मानकर दो सेनाएं बन गयीं हनन सेना और पतन सेना । मुँहबोलावाद से प्रभावित दोनों सेनाओं का युद्ध का अनुभव शून्य से थोड़ा अधिक इसलिए है क्योंकि दोनों सेनाएं यदा कदा आपस में ट्विट गोलों और gif अस्त्रों से युद्धाभ्यास करती रहती हैं ।

गुरुवर ने अनेकों एपिक ट्विट्स किए हैं । ‘ट्विटर खोला तो खुला पाया’ की समीक्षा करते हुए ट्विटकार आज तक यह फैसला नहीं कर सके कि यह ट्विट भूलोट ठहाके का जनक था या किसी अबूझ दर्शन का वाहक ।

 

खुद को एक विद्यालय का चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी कहने वाले गुरुवर नकल माफिया के खिलाफ अपनी मुहिम के लिए खुद को खासा चर्चित बताते हैं । इस नायक को कोई देशबंधु कहता है तो कोई विश्वबंधु, बच्चे प्यार से चाचा बुलाते हैं और नवयुवक भैया । ब्राह्मण होने के कारण इलाके में पप्पू बाबा के नाम से मशहूर गुरुवर में ब्राह्मण श्रेष्ठता का भाव कूट कूटकर भरा है । गुरुवर सवर्ण आरक्षण की आवाज भी उठाते रहते हैं । वह नक्सलियों के दुश्मन हैं और अज्ञात कारणों से सोनारों के घोर विरोधी ।

ट्विटर पर गुरुवर का जलवा ऐसा है कि बड़े बड़े सेलेब उनके भक्त हैं, उनमें से अनेकों ब्लॉकित भी। जितने फॉलोवर्स से किसी को सेलेब समझा जाता है, उतनों को तो गुरुवर ने ब्लॉकित कर रखा है । आशा है यह आलेख ब्लॉकित भक्तों की मुक्ति के द्वार खोलेगा । इतना ही नहीं गुरुवर के जीवन का एक फलसफा #अउर_का_है_जीवन_में ट्विटर पर पहले भी ट्रेंड कर चुका है । अउर और कउन जैसे गुरुवर के शब्द का धरल्ले से प्रयोग करते हैं ट्विटकार गण और व कौन के लिए । ट्विटर पर भक्त गण शिव चर्चा की तरह गुरुवर चर्चा करते हैं जिसे देशबंधु विमर्श का नाम दिया गया है । देशबंधु विमर्श के समस्त ट्विट थ्रेड्स की समेकित लंबाई पृथ्वी की परिधि के लगभग बराबर है, ऐसा कुछ भूगोलविद ट्विटकारों का मानना है ।

गुरुवर निष्काम कर्म के प्रबल समर्थक हैं । तभी तो छोटी मोटी शिकायतें व सुरक्षा की गुहार सीधे भाई ओबामा को ट्विट कर देते हैं ।

पुत्र प्रवीण के बारहवीं पास होने पर नासा को उनके प्रशिक्षण का प्रबंध करने का निर्देश दे देते हैं । रेल में हुई चेन चोरी के लिए रेल मंत्री को चेन बरामद करने का निर्देश दे देते हैं । चीनी घुसपैठ की खबर आते ही भारतीय सेना को चौबीस घंटे चौकस रहने का आह्वान कर देते हैं । गुरुवर इस बात की कतई फिक्र नहीं करते कि उनके ट्विट निवेदन या ट्विट निर्देश का संज्ञान लिया गया या नहीं ।

आज सब एक दूसरे को सपने बेच रहे हैं । गुरुवर भी सपने बेचते हैं किन्तु खुद को और स्वयं उसका प्रापण (Procure) भी करते हैं । यही #सतपरकास की अनूठी बात है । #अउर_का_है_ जीवन_में ।

दावात्याग – #सतपरकास से व्यक्तिगत रुप से लेखक/ लोपक नहीं मिला । आलेख के तथ्य #सतपरकास के ट्विटर हैंडल (@DESBANDHU), ब्रह्म शक्ति पीठ की वेबसाइट (http://bramhshaktipith.org) और बीबीसी लाइव (@BBB_LiveNEWS) के ट्विटर हैंडल से लिए गए हैं, यह लेखक/ लोपक की कोरी कल्पना कतई नहीं । किन्तु लेखक/ लोपक ऐसे किसी व्यक्ति के होने की गारंटी भी नहीं लेता ।

लोपक प्रस्तुति

लेखक : राकेश रंजन @rranjan501
संकलन : नीरज @neerajs , सुरेश @sureaish

3 COMMENTS

  1. आखिरकार गुरूवर, लोककल्याड, हसे पसे के बारे मेंर्ज्ञावर्षों की मेरी जिज्ञाशा शांत हुई. शूद्ध हास्य का अद्भुत उदाहरण है. सतपरकास के व्यक्तित्व को इस लेख में समेटने का प्रशंसनीय प्रयास.
    ⭐⭐⭐⭐

  2. आखिरकार गुरूवर, लोककल्याड, हसे पसे के बारे में 2 वर्ष की मेरी जिज्ञाशा शांत हुई. शूद्ध हास्य का अद्भुत उदाहरण है. सतपरकास के व्यक्तित्व को इस लेख में समेटने का प्रशंसनीय प्रयास.
    ⭐⭐⭐⭐

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