जनवरी 2015 में भारत सरकार ने GDP ग्रोथ रेट निकालने की नई प्रणाली अपनाई। Base Year को 2004-05 से बदलकर 2011-12 किया गया नए मेथड से GDP की ग्रोथ रेट की गणना शुरू हुई। हमारे देश में यह गणना Central Statistical Office (CSO) करता है।

जब 2015 में नया मेथड अपनाया गया तो कांग्रेस एन्ड कम्पनी ने ये आरोप लगाना आरम्भ किया कि पुराने मेथड से NDA शासनकाल में जीडीपी ग्रोथ रेट काफी कम निकलने के भय से केंद्र की NDA सरकार ने नया मेथड अपनाया। ये भ्रम फैलाना भी आरम्भ कर दिया कि वास्तविक ग्रोथ रेट तो बहुत कम है, सरकार जनता से झूठ बोल रही है । विपक्ष की एक मांग यह थी कि सरकार को UPA शासनकाल के वर्षों की GDP ग्रोथ रेट भी नए मेथड से निकालकर जनता को बतानी चाहिए ।

2012-13 औऱ 2013-14 की नए मेथड से निकाली गई ग्रोथ रेट भी सार्वजनिक कर दी गई। नए मेथड से निकाली गई 2012-13 औऱ 2013-14 की GDP ग्रोथ रेट पुराने मेथड से निकाली गई ग्रोथ रेट से ज्यादा निकली।

पुराने मेथड से निकली GDP ग्रोथ रेट:

2012-13 : 4.5%

2013-14 : 4.7%

नए मेथड से निकली GDP ग्रोथ रेट:

2012-13 : 5.1%

2013-14 : 6.9 %

(ये प्रतिशत 30 जनवरी 2015 को प्रकाशित The Hindu अखबार से लिए गए हैं )

ये देखते ही कांग्रेस और “अन्य” पार्टियों के नेता और उनके राग-दरबारी, मेनस्ट्रीम मीडिया वाले भी और सोशल मीडिया वाले भी, इनकी बाँछें जो शरीर में जहाँ भी होती हों, खिल उठीं। सब एक स्वर में कहना शुरू कर दिए कि UPA -2 तो व्यर्थ ही बदनाम हुई, देश की आर्थिक स्थिति तो बिल्कुल ठीक थी। वर्तमान से बेहतर थी। ढोल नगाड़े बजने लगे। इन सबने ये माँग भी आरम्भ कर दी कि सरकार जल्द से जल्द UPA के शासनकाल के बाकी वर्षों की GDP ग्रोथ रेट का डेटा भी सार्वजनिक कर दे।

CSO ने कल (28.11.2018) को 2005-06 से 2011-12 तक का GDP ग्रोथ रेट का डेटा सार्वजनिक कर दिया, 2012-13 और 2013-14 का पहले ही किया जा चुका था। अबतक जो लोग खुशी से नाच रहे थे, कल अचानक से नाचना बन्द कर दिए और कोपभवन में चले गए। हुआ यह कि 2005-06 से 2011-12 की नए मेथड से निकाली गई GDP पुराने मेथड की GDP से काफी कम निकली ।

CSO की ओर से जारी किये गए डेटा के अनुसार नए मेथड से निकली GDP इस प्रकार है-

2005-06 : 7.9%

2006-07 : 8.1%

2007-08 : 7.7%

2008-09 : 3.1%

2009-10 : 7.9%

2010-11 : 8.5%

2011-12 : 5.2%

इन्हीं वर्षों के लिए पुराने मेथड से निकली GDP इस प्रकार थी –

2005-06 : 9.3%

2006-07 : 9.3%

2007-08 : 9.8%

2008-09 : 3.9%

2009-10 : 8.5%

2010-11 : 10.3%

2011-12 : 6.6%

2012-13 और 2013-14 की नए मेथड वाली GDP ग्रोथ रेट कांग्रेस एन्ड कम्पनी को बहुत पसंद आ गई थी, इन्होंने CSO की प्रशंसा भी की थी, नाचे भी थे…. पर 2005-06 से 2011-12 वाली पसंद नहीं आ रही है, जबकि ये भी नए मेथड से ही निकली है, ये भी CSO ने ही निकाली है। जब अपने समय की ग्रोथ रेट बढ़ी तो नया मेथड बहुत अच्छा, जब घटी तो नया मेथड “गंदा छी छी”, CSO अयोग्य, जनता से धोखा… ब्ला ब्ला ब्ला।

इनके रोने गाने का सबसे बड़ा कारण यह है कि ये बैक सीरीज वाली GDP ग्रोथ रेट आने के बाद नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली NDA सरकार का प्रदर्शन UPA से बेहतर दिख रहा है, UPA शासनकाल की औसत GDP ग्रोथ रेट 6.67% निकलकर आ रही है, जबकि NDA के समय की औसत GDP ग्रोथ रेट 7.35% है।

अब इस डेटा पर विश्वास नहीं करना तो ये भी मानिए कि 2013-14 में 4.7% की GDP ग्रोथ रेट छोड़कर गए थे (साढ़े नौ प्रतिशत की महंगाई दर के साथ), उस GDP ग्रोथ रेट को वर्तमान सरकार बढ़ाते हुए हुए 2018-19 के पहले क्वार्टर (अप्रैल से जून) में 8.2% तक ले आई है.

लेखक शशांक चतुर्वेदी प्रफ़ेशनल चार्टेड अकाउंटेंट है और इनका ट्विटर हैंडल @EminentAuditor है.

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