Political Holi

दिल्ली दरबार की होली सभा में राष्ट्रऋषि अपने सिंहासन पर विराजमान हैं. उनके नीचे की अति आरामदेह, आरामदेह और सामान्य कुर्सियों पर पदानुरुप मंत्री, संतरी और यंत्री बैठे हुए हैं. मंत्री राऋ को देखकर निहाल हुए जा रहे हैं, संतरी मंत्री को देखकर फूले नहीं समा रहे और यंत्री (आइटी सेल योद्धा) अपने एप्पल फोन से समारोह पर मनचाहे हैशटैग के साथ ट्वीट करते नहीं अघा रहे. साथ ही वे अपने पालक-बालकों को डीएम में और व्हाट्स-ऐप पर निर्देश देते हुए ‘मिशन 2019’ का पावन कर्तव्य भी निभा रहे हैं. राजनीति एक साधना है और सुधि साधकों को होली समारोह में भी इस साधना से विचलन स्वीकार्य नहीं होता. नीचे की कुर्सियों की कतार से क्रमानुसार उपर की ओर उपर वाले को प्रसन्न करने वाले फीडबैक लगातार दिए जा रहे हैं. होली सभा पूरे शबाब पर है. जितना उत्साह दिख रहा है और जो फीडबैक दिए जा रहे है, वे 2029 तक के जंग के लिए पर्याप्त प्रतीत होते हैं. तभी प्रवक्ता का बिल्ला लटकाए एक पार्टी प्रवक्ता एंट्री लेते हैं. उनके चेहरे पर इतना रंग लगा है कि पहचानना मुश्किल है. आते ही जोगीरा छोड़ते हैं;

काला धन आया नहीं गये माल्या मोदी भाग
जोर शोर से छोड़ो भईया अच्छे दिन का झाग … जोगीरा सारा रा रा

प्रवक्ता के पालक-बालकों के जोशीले जोगीरा सारा रा रा कोरस से उत्साह चौगुना हो जाता हैं. प्रवक्ता जिस वरिष्ठ माननीय के पालक-बालक हैं, उनका डिफेन्स आता है; “सेल्फ सटायर इज द बेस्ट सटायर, बुरा न मानो होली है.” राऋ कौतूहल में पूछते हैं; “ये हमारी तरफ है?” नेपथ्य से एक समर्थक की आवाज आती है; “साहब यह तो कुछ भी नहीं, टीवी डिबेट में विपक्ष वाले भी संशय में पड़ जाते हैं कि यह किसकी तरफ हैं. मतदान को लेकर हमें कोई खास दुविधा नहीं पर ऐसा संदेह तो हमें भी होता है कि ‘अच्छे दिन’ होम्योपैथ दवा जैसा धीमा असर कर रहे है या कोई प्रभाव ही नहीं छोड़ रहे. इस दुविधा के बीच हमारे साथ ऐसा संवाद किया जाता हैं जिसकी आप बानगी देख चुके हैं. क्या कहें साहब, कई बार तो ये मरखाह भी हो जाते हैं.” इन सबके बीच गुंझिया बंटने लगता है और सब एक दूसरे से गले मिलकर हैप्पी होली कहने लगते हैं.

खानदानी दरबार की होली सभा में कुर्सियों की दो ही श्रेणियां है. पहली श्रेणी में अध्यक्ष बाबा के राज परिवार की कुर्सियां हैं और दूसरी श्रेणी की सभी कुर्सियों के पीछे P लिखा हुआ है. होली समारोह का थीम 2019 का ‘मिशन 333’ है. अध्यक्ष बाबा के बिस्कुट खाने वाले Piddi ने आज वोडका चढ़ा लिया है. दरबारी वाटरलेस और कलरलेस होली खेलने के क्रम में इटालियन चंदन से एक दूसरे के चेहरे पर अध्यक्ष बाबा का नाम लिख रहे हैं. मौका ताड़कर पिए पिद्दी ने ‘मिशन 333’ को नोचकर ‘मिशन 33’ बना दिया है. P कुर्सियों पर बैठे सदूर दक्षिण के दो माननीय सेकुलर और अंग्रेजी जोगीरा गाकर होली को सेकुलर और ग्लोबल बना रहे हैं. सेकुलर जोगीरा आता है.

सूबे हारे मरकज हारे, हिम्मत हुई गाजियाबाद
पर जिद्दी पिद्दी रखेंगे औरंगजेब को ही आबाद  … जोगीरा सारा रा रा

सेकुलर जोगीरों को खूब दाद मिल रही है और ‘मिशन 333′ साकार होता दिखता है. होली खेलने के क्रम में अध्यक्ष बाबा का कुर्ता जानबूझकर फाड़ दिया गया है. होली समारोह से ठीक पहले पहना गया उनका जनेऊ चीख चीखकर उनके जनेऊधारी होने की गवाही दे रहा है. होली के हास परिहास को बढ़ावा देने के लिए अध्यक्ष बाबा द्वारा दिए गए भाषणों की रिकॉर्डिंग दिखायी और सुनाई जा रही है.

कलही दरबार अपनी राजनीति की भांति होली भी हटकर मना रहा है. रंग अबीर की जगह आयातित आम के टोकड़े रखे हुए हैं. उँचे आसन पर बैठे सड़ जी मधुमेह की चिन्ता छोड़कर आम खाने की क्रांति कर रहे हैं. सामने जमीन्दार की तरह जमीन पर बैठे क्रांतिकारी इक्का दुक्का आम पा रहे हैं, खा रहे हैं. खाये जा चुके आमों की गुठलियों को एक सर्प प्रेमी सज्जन बटोरकार आम का आम और गुठली का दाम बनाने की जुगत में हैं. ऑफिस ऑफ प्रॉफिट से लॉस ऑफ ऑफिस कर चुके माननीय न आम खा पा रहे हैं और न ही छोड़ पा रहे हैं. होली समारोह में सड़ जी द्वारा फोन करके खास रुप से बुलाए जाने के कारण सरकारी बाबू आम की लालच छोड़कर इस तरह चौकन्ने बैठे हैं कि कलही दरबार की बाउंसर सेवा शुरु होते ही नौ दो ग्यारह हो जाएं.

सड़ जी ने समारोह में अपने मुँहबोले ध्येय बिना मेक-अप वाले आम आदमी को भी आमंत्रित किया है. वह पीछे खड़ा लीडर का लैडर बन चुके एक वृद्ध सज्जन के टंगे फोटो की तरह  सर्वहारा निर्विकार भाव से सब कुछ टुकुर टुकुर देख रहा है. इसी बीच कलही दरबार के पूर्व सुपर हिट तुर्क और वर्तमान बागी अपने गणों के साथ ढ़ोल बाजे लिए आ धमकते हैं और जोगीरों से माहौल बना देते हैं.

बैठे बैठे आम खा रहे किया है कौन सा काम
कवि, वकील और मिसरी का फोकट में काम तमाम … जोगीरा सारा रा रा

जोगीरे की प्रतिक्रिया में बाउंसर बिदकते हैं पर बागी के गणों का ऑन कैमरा देखकर मन मसोसकर रह जाते हैं और अगला जोगीरा आ जाता है.

जन्तर मन्तर की लीला से सड़ जी पहुँचे ठाठ में
अन्ना वन्ना गन्ना हो गये, दिल्ली पड़ गयी खाट में … जोगीरा सारा रा रा

दूसरा जोगीरा सुनते ही कलही दरबार के बाउंसर्स बेकाबू होकर सेवा आरम्भ ही करने वाले हैं कि दिल्ली पुलिस की गाड़ी का सायरन बज जाता है. अचानक सब एक दूसरे को हैप्पी होली होली विश करने लगते हैं और बागी व उनके गणों का सुपर हैप्पी होली होते रह जाता है.

आप सबको होली की ढ़ेर सारी शुभकामनाएं!

लेखक द्वय – आशुतोष दीक्षित (@Cawnporiah) एवं राकेश रंजन (@rranjan501)
रेखाचित्र – सुरेश रंकावत (@sureaish )

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