योगी की चेतावनी !

न हो कबाब तो आधा दो हो पास अगर तो ज़्यादा दो बस दे दो हमको दो सौ ग्राम रक्खो अपनी प्लेटें तमाम हम वही ख़ुशी से खायेंगे आगे न माँग उठाएँगे पर...

सप्ताहांत की तुकबंदी १३-११-२०१६

पी एम वाइज़ डीमोनिटाइज ड़ू ऐक्सेप्ट इट गॉल ऐंड गाइज काला धन भारी मन थोड़ी पीड़ा ज़्यादा फन बात की धार बस धिक्कार लूट रही है ये सरकार पाँच सौ लेता पर सौ देता जनता ख़ातिर चिंतित नेता रागी दीदी लुट गई ईदी क्रोधित बहना ग़ुस्सा...

सप्ताहांत की तुकबंदी ०६-११-२०१६

मतलब सिद्ध उड़ते गिद्ध भांग घुली है तर्क निषिद्ध झूठ का नाच सच पर आँच जनपथ बाबा फिर से लॉंच ट्रोलम ट्रोल वही बवाल फ़ासीवाद बिकट अवसाद प्रेस्यागण करते आबाद कहे करेंसी झूठ फ़ैंसी फिर से आई एमरजेंसी टीवी काली बातें जाली ग़ज़ब है तान सभी अजान चलती जीभें बंद...

सप्ताहांत की तुकबंदी – 30-10-2016

वाह दीवाली क्रैकर वाली खीर मिठाई लेकर आई बर्फ़ीखोरी भूल कैलोरी सजी रंगोली हँसी ठिठोली खील बताशा सुख की आशा धन की आस खेलाए ताश तीन ठो पत्ती गुल है बत्ती फोड़ पटाखे लड्डू खा के धान का लावा खोया मावा दीप जले है राग बले...

सप्ताहांत की तुकबंदी – २२-१०-२०१६

फ़ंडिंग बंद धंधा मंद पॉवर लॉस्ट वेरी फ़ास्ट बी सी सी आई जमी है काई न्यायालय है भारी भय है बैठा झाग दुखी अनुराग काँगरेस की उत प्रदेश की नेत्री जागी दल से भागी घायल नेता गाली देता ए की कित्ता दीदी रीता फटता पर्चा खटिया-चर्चा जगे...

सप्ताहांत की तुकबन्दी

हुआ सर्जिकल मिला हमें बल भौंके नेता उन्हें नहीं कल सैनिक मरता रक्षा करता पर लीडर जो पॉकेट भरता जब भी बोले शबद न तोले राष्ट्र-वायु में बस विष घोले मुँह की बोली गन की गोली जिसने दाग़ी उसकी हो ली उधर है...

सप्ताहांत की तुकबंदी 

इस सप्ताह लंबी आह कितना पानी मिले न थाह फ़ैमिली साग़ा खिंचता धागा सब उधड़ेगा बोले कागा कहें मुलायम हम हैं क़ायम हयेंको पटके किसमे है दम? सुने न पूत लातम-जूत पावर-शावर धनं अकूत बजे न ताल रामगोपाल छिटके गोबर चुप शिवपाल फ़ाइट सीज़न है भारी फन पॉपकॉर्न ले बैठो...