बापी दास का क्रिसमस

यह निबंध नहीं बल्कि कलकत्ते में रहने वाले एक युवा, बापी दास का पत्र है जो उसने इंग्लैंड में रहने वाले अपने एक नेट-फ्रेंड को लिखा था....

बप्पा रावल

यह आलेख समर्पित है भारत वर्ष के उन महाप्रतापियों को जिन्होंने भारत वर्ष की संस्कृति को अक्षुण्ण रखने के लिए असंख्य बलिदान दिए । भारत वर्ष के इतिहास...

Scientific thoughts in Vaidika Philosophy – Part 1

Ancient Indian scientific thoughts and contributions has been ignored by the historians for long and due credit/place has not been given. The main reason behind this is...

जय छठी मैया !

यदि आप बम्बई या दिल्ली में रहते हैं तो पाएँगे की दीवाली की लम्बी छुट्टियाँ बीत जाने के बाद भी सड़कें खाली हैं और यदि पटना या...

वाह ताज !

भाजपा के एक विधायक की ताजमहल पर की गयी टिप्पणी के बाद देश भर में ताजमहल पर कई प्रकार की डिबेट आरम्भ हो गयीं। एक पक्ष ने...

एक भ्रम: राजनीति धर्म से अलग है

सोमनाथ मंदिर में प्रवेश के लिए हिंदू से इतर अन्य धर्म के लोगों को प्रवेश से पूर्व अपना नाम रजिस्टर में दर्ज कराने का प्रावधान है। राहुल...

दिवाली पर बुद्धिजीवीयो के नाम खुला ख़त

डियर बुद्धिजीवियों, पटाखों से होने वाले प्रदुषण की ओर हमारा ध्यान आकर्षित करने के लिये धन्यवाद। पटाखे तो खैर हमें जलाना ही था। बाकी आपसे पर्यावरण को बहुत...

Scientific thoughts in Vaidika Philosophy – 2

In the Part-1 we discussed about different Indian philosophies and how nyaaya and vaisheshika formed the base of logical scientific thinking. We also discussed how vaisheshika proposed...

Legend of Ravana: Was he the most ancient Pervert?

Kalidas said “उत्सवप्रिया: खलु मनुष्याः” means all people love festivals because the celebrations enable them to forget their miseries and enmity and build new bridges of love...

A Chalukyan Journey

In my middle school history book, a line appeared in a chapter on Harshavardhana of Kannauj’s Chakravarti ambitions. On his way across the Vindhyas, Harsha met a...