प्राचीन व्यभिचारी रावण

कालिदास ने कहा है "उत्सवप्रिया: खलु मनुष्या" अर्थात मनुष्य उत्सव प्रेमी होते हैं । त्योहारों का उत्सव उन्हे अपने दुखों और वैमनस्य को भूलने का तथा प्रेम,...

वाह ताज !

भाजपा के एक विधायक की ताजमहल पर की गयी टिप्पणी के बाद देश भर में ताजमहल पर कई प्रकार की डिबेट आरम्भ हो गयीं। एक पक्ष ने...

Legend of Ravana: Was he the most ancient Pervert?

Kalidas said “उत्सवप्रिया: खलु मनुष्याः” means all people love festivals because the celebrations enable them to forget their miseries and enmity and build new bridges of love...

Scientific thoughts in Vaidika Philosophy – Part 1

Ancient Indian scientific thoughts and contributions has been ignored by the historians for long and due credit/place has not been given. The main reason behind this is...

नैतिकता का तर्क

कुरुक्षेत्र में बने योद्धाओं के कक्ष। पितामह के आगे धर्मराज युधिष्ठिर, अर्जुन, भीम और वासुदेव कृष्ण उदास बैठे हैं। पितामह उनको बता चुके हैं कि शिखंडी को...

दिवाली पर बुद्धिजीवीयो के नाम खुला ख़त

डियर बुद्धिजीवियों, पटाखों से होने वाले प्रदुषण की ओर हमारा ध्यान आकर्षित करने के लिये धन्यवाद। पटाखे तो खैर हमें जलाना ही था। बाकी आपसे पर्यावरण को बहुत...

A Chalukyan Journey

In my middle school history book, a line appeared in a chapter on Harshavardhana of Kannauj’s Chakravarti ambitions. On his way across the Vindhyas, Harsha met a...

जय छठी मैया !

यदि आप बम्बई या दिल्ली में रहते हैं तो पाएँगे की दीवाली की लम्बी छुट्टियाँ बीत जाने के बाद भी सड़कें खाली हैं और यदि पटना या...

बापी दास का क्रिसमस

यह निबंध नहीं बल्कि कलकत्ते में रहने वाले एक युवा, बापी दास का पत्र है जो उसने इंग्लैंड में रहने वाले अपने एक नेट-फ्रेंड को लिखा था....

Scientific thoughts in Vaidika Philosophy – 2

In the Part-1 we discussed about different Indian philosophies and how nyaaya and vaisheshika formed the base of logical scientific thinking. We also discussed how vaisheshika proposed...