मैं सेफोलॉजिस्ट बनूँगा

हम बनना कुछ और चाहते हैं, बन कुछ और जाते हैं. हम ड्रीम पालते हैं, पैशन को सेलिब्रेट करते हैं पर दाल रोटी के लिए कहीं और...

न्यू ईयर रेजॉल्यूशन

टीवी एंकर्स, अखबारों के स्तंभकार व मूर्धन्य ट्विटकार पूरे साल के घटनाक्रम को हमारे सामने 'गागर में सागर' टैप परोसकर कैलेंडर से बेहतर यह बता रहे हैं...

रवीश कुमार जी की चिट्ठी

रवीश कुमार जी की चिट्ठी रवीश कुमार जी की कल की लिखी चिट्ठी पर आज तक गालियां आ रही हैं. चिट्ठी क्या थी बीस पन्ने की पॉकेट बुक थी,...

शोले को लाल सलाम

इतिहास किसी सटीक सहस्त्र कोणीय वीडियो पर आधारित नहीं होता. यह तथ्यों के अलावा इतिहासकार की कल्पना, कथा शैली, रुझान एवं पूर्वाग्रह आदि से मिलकर बनता है....

चलो दिलदार चलो, चाँद के पार चलो…

सिवाय गीतकार के बाकी सब के लिए फ़िल्मी गीत सुनने के लिए होते हैं. उधर गाना बजा इधर आवाज़ कान तक पहुंची और हमने सुन लिया. मन...

कोहरा प्रधान जीवन 

पिछले कई दिनों से जीवन कोहरा प्रधान हो गया है. चारों तरफ कोहरा ही कोहरा है. इधर कोहरा, उधर कोहरा. आसमान में कोहरा जमीन पर कोहरा. सड़क...

हिन्दी दिवस पर कवि सम्मेलन

14 सितम्बर को हिन्दी दिवस मनाया जाता है। तरह-तरह के आयोजन होते है। प्रतियोगितायें भी। नारा प्रतियोगिता, काव्य प्रतियोगिता, टिप्पण लेखन। आदि-इत्यादि। वगैरह-वगैरह। एक्सेट्रा-वेक्सेट्रा! कुछ जगह तो...

मेट्रो महिमा

दिल्ली मेट्रो रेल का फैला जाल राष्ट्रमंडल खेलों से दिल्ली की आधारभूत संरचना में हुए बदलावों का एक पैमाना है. इस दौरान हुए घोटालों को कोसने वालों...

टुन्न थे, सुन्न हुए

यह लोकतंत्र की खूबसूरती है कि नयी सरकार बनने के बाद शुरुआती कुछ महीने वह चुनाव में अपनी पार्टी के किए गए वादे पूरे करने में चुस्ती...

लोकतंत्र में जातिवाद 

आज आपको एक कहानी सुनाता हूँ। बहुत पहले जंगल में लोकतंत्र की स्थापना हुई। उसी जंगल में एक खलीलाबाद नाम का उपवन था। उस उपवन में गधों...