राजनीति के पंचम सुर पर अलाप

गांधी से कहके हम तो भागे, कदम टिकते नहीं साहब के आगे रंज लीडर को बहुत है मगर हार के बाद कुछ ऐसा ही हुआ महसूस हुआ रिकार्ड तोड़ जुमलों, मनभावन...

सरकार का चिंता-कार्यक्रम

चुनाव हुए और सरकार बदल गई । सरकार बदल गई तो काम करने का तरीका भी बदल गया । काम करने का तरीका बदला तो समस्याओं को...

एक चैनल का प्राइम टाइम

दृश्य : किसी भी मुद्दे पर..किसी भी चैनल का प्राइम टाइम.. ******************************************* एंकर : हाँ तो ऐसा है..अलाय बलाय..ढिंका चिका...एक दो तीन....अंगूरी बदन...घूंघट में चंदा है..तुनक तुनक तुन तानाना...रा...

जियो और जीने दो

जुमले भी साकार होते है । बस उन्हे देखने वाली नजर होनी चाहिए । मेरी नजर तेज है । इस उम्र में भी मुझे चश्मे की जरुरत...

मैं लेखक बनते बनते रह गया …

स्कूली परीक्षाओं में गाय व डाकिया पर निबंध लिखने के लिए मैं 'निबंध माला' से रट्टा मारता था. लेखक बनने की नैसर्गिक प्रतिभा मुझमे कितनी थी, इसी...

एमसीडी चुनावों पर तिरछी नजर

भारत एक चुनाव प्रधान देश है. एक चुनाव जाता नहीं कि दूसरा आ धमकता है. जल्दी-जल्दी चुनाव होने के अनेक फायदे हैं. इससे लोकतंत्र में जड़ता नहीं...

मेट्रो महिमा

दिल्ली मेट्रो रेल का फैला जाल राष्ट्रमंडल खेलों से दिल्ली की आधारभूत संरचना में हुए बदलावों का एक पैमाना है. इस दौरान हुए घोटालों को कोसने वालों...

न्यू ईयर रेजॉल्यूशन

टीवी एंकर्स, अखबारों के स्तंभकार व मूर्धन्य ट्विटकार पूरे साल के घटनाक्रम को हमारे सामने 'गागर में सागर' टैप परोसकर कैलेंडर से बेहतर यह बता रहे हैं...

दलो का दलदल

मेढ़कों को तराजू के दो पलड़ों पर रखकर आप भले ही तौल लें पर चुनावी मौसम में माननीयों का लोकतंत्रीय उछल-कूद (मने दलबदल) रोकना लगभग असंभव है....

टुन्न थे, सुन्न हुए

यह लोकतंत्र की खूबसूरती है कि नयी सरकार बनने के बाद शुरुआती कुछ महीने वह चुनाव में अपनी पार्टी के किए गए वादे पूरे करने में चुस्ती...