हिन्दी दिवस पर कवि सम्मेलन

14 सितम्बर को हिन्दी दिवस मनाया जाता है। तरह-तरह के आयोजन होते है। प्रतियोगितायें भी। नारा प्रतियोगिता, काव्य प्रतियोगिता, टिप्पण लेखन। आदि-इत्यादि। वगैरह-वगैरह। एक्सेट्रा-वेक्सेट्रा! कुछ जगह तो...

एक चैनल का प्राइम टाइम

दृश्य : किसी भी मुद्दे पर..किसी भी चैनल का प्राइम टाइम.. ******************************************* एंकर : हाँ तो ऐसा है..अलाय बलाय..ढिंका चिका...एक दो तीन....अंगूरी बदन...घूंघट में चंदा है..तुनक तुनक तुन तानाना...रा...

न्यू ईयर रेजॉल्यूशन

टीवी एंकर्स, अखबारों के स्तंभकार व मूर्धन्य ट्विटकार पूरे साल के घटनाक्रम को हमारे सामने 'गागर में सागर' टैप परोसकर कैलेंडर से बेहतर यह बता रहे हैं...

सिंगिंग रियलटी शो

एक जमाना था जब परीक्षा का प्रश्नपत्र सेट करने वाले विद्वान् विद्यार्थियों को चैलेन्ज जैसा कुछ देते थे कि वे पोस्टमैन, मेरा गाँव, रेलयात्रा जैसे विषयों पर...

वो भारत खंड -२

वो भारत खंड -२ (वो भारत खंड -१ से आगे) दावात्याग - इस खंड का भी यथार्थ से किसी भी प्रकार का कोई वास्ता नहीं है । यह भीे...

एमसीडी चुनावों पर तिरछी नजर

भारत एक चुनाव प्रधान देश है. एक चुनाव जाता नहीं कि दूसरा आ धमकता है. जल्दी-जल्दी चुनाव होने के अनेक फायदे हैं. इससे लोकतंत्र में जड़ता नहीं...

सरकार का चिंता-कार्यक्रम

चुनाव हुए और सरकार बदल गई । सरकार बदल गई तो काम करने का तरीका भी बदल गया । काम करने का तरीका बदला तो समस्याओं को...

चुनावी चकल्लस

पाँच में चुनावी धूमगज्जर जारी है. चुनाव प्रचार के दौरान प्रत्याशियों व पार्टियों द्वारा मतलोलुपता में जाने-अनजाने किए जा रहे हास-परिहास एवं प्रहसन की खबरों से मतदाताओ...

मंदी के मारे उर्वशी और पुरुरवा

रात का समय. आकाश मार्ग से जाती हुई मेनका, रम्भा, सहजन्या और चित्रलेखा पृथ्वी को देखकर आश्चर्यचकित हैं. उन्हें आश्चर्य इस बात का है कि मुंबई के...

रवीश कुमार जी की चिट्ठी

रवीश कुमार जी की चिट्ठी रवीश कुमार जी की कल की लिखी चिट्ठी पर आज तक गालियां आ रही हैं. चिट्ठी क्या थी बीस पन्ने की पॉकेट बुक थी,...