चलो दिलदार चलो, चाँद के पार चलो…

सिवाय गीतकार के बाकी सब के लिए फ़िल्मी गीत सुनने के लिए होते हैं. उधर गाना बजा इधर आवाज़ कान तक पहुंची और हमने सुन लिया. मन...

मैं सेफोलॉजिस्ट बनूँगा

हम बनना कुछ और चाहते हैं, बन कुछ और जाते हैं. हम ड्रीम पालते हैं, पैशन को सेलिब्रेट करते हैं पर दाल रोटी के लिए कहीं और...

शिकारी आएगा मगर हम नहीं फसेंगे

सूर्यास्त का समय था. जंगल से घिरे आश्रम के पेड़ों पर बसेरा करने वाली चिड़ियाँ अपने घोसलों में वापस लौट चुकी थी. उनकी मिलीजुली चहचहाट से आश्रम...

योगी की चेतावनी !

न हो कबाब तो आधा दो हो पास अगर तो ज़्यादा दो बस दे दो हमको दो सौ ग्राम रक्खो अपनी प्लेटें तमाम हम वही ख़ुशी से खायेंगे आगे न माँग उठाएँगे पर...

एमसीडी चुनावों पर तिरछी नजर

भारत एक चुनाव प्रधान देश है. एक चुनाव जाता नहीं कि दूसरा आ धमकता है. जल्दी-जल्दी चुनाव होने के अनेक फायदे हैं. इससे लोकतंत्र में जड़ता नहीं...

राजनीति के पंचम सुर पर अलाप

गांधी से कहके हम तो भागे, कदम टिकते नहीं साहब के आगे रंज लीडर को बहुत है मगर हार के बाद कुछ ऐसा ही हुआ महसूस हुआ रिकार्ड तोड़ जुमलों, मनभावन...

लोकतंत्र में जातिवाद 

आज आपको एक कहानी सुनाता हूँ। बहुत पहले जंगल में लोकतंत्र की स्थापना हुई। उसी जंगल में एक खलीलाबाद नाम का उपवन था। उस उपवन में गधों...

मेट्रो महिमा

दिल्ली मेट्रो रेल का फैला जाल राष्ट्रमंडल खेलों से दिल्ली की आधारभूत संरचना में हुए बदलावों का एक पैमाना है. इस दौरान हुए घोटालों को कोसने वालों...

रवीश कुमार जी की चिट्ठी

रवीश कुमार जी की चिट्ठी रवीश कुमार जी की कल की लिखी चिट्ठी पर आज तक गालियां आ रही हैं. चिट्ठी क्या थी बीस पन्ने की पॉकेट बुक थी,...

चुनावी चकल्लस

पाँच में चुनावी धूमगज्जर जारी है. चुनाव प्रचार के दौरान प्रत्याशियों व पार्टियों द्वारा मतलोलुपता में जाने-अनजाने किए जा रहे हास-परिहास एवं प्रहसन की खबरों से मतदाताओ...