फ़िल्मी प्रेम प्रसंग में दिल

किस काल में कौन सी चीज समाज का दर्पण हो, यह उस काल के समाज पर निर्भर करता है। प्राइमरी या मिडिल स्कूल के विद्यार्थी के लिए...

द्वारिका में दुर्योधन…

पाँच गावों की डिमांड ठुकरा दिए जाने के बाद केशव वापस जा चुके हैं। पितामह, कृपाचार्य, महात्मा विदुर और गुरु द्रोण अनिष्ट की आशंका से ग्रस्त हो...

छटाक भर क्रिकेट

दिन भर आकाशवाणी से क्रिेकेट का आँखों देखा हाल सुनते मेरे पिताजी ने ही मेरे मन में क्रिकेट के प्रति प्रेम जगाया. बॉल बाई बॉल रोमांच से...

नैतिकता का तर्क

कुरुक्षेत्र में बने योद्धाओं के कक्ष। पितामह के आगे धर्मराज युधिष्ठिर, अर्जुन, भीम और वासुदेव कृष्ण उदास बैठे हैं। पितामह उनको बता चुके हैं कि शिखंडी को...

शोले को लाल सलाम

इतिहास किसी सटीक सहस्त्र कोणीय वीडियो पर आधारित नहीं होता. यह तथ्यों के अलावा इतिहासकार की कल्पना, कथा शैली, रुझान एवं पूर्वाग्रह आदि से मिलकर बनता है....

दिवाली पर बुद्धिजीवीयो के नाम खुला ख़त

डियर बुद्धिजीवियों, पटाखों से होने वाले प्रदुषण की ओर हमारा ध्यान आकर्षित करने के लिये धन्यवाद। पटाखे तो खैर हमें जलाना ही था। बाकी आपसे पर्यावरण को बहुत...

कोहरा प्रधान जीवन 

पिछले कई दिनों से जीवन कोहरा प्रधान हो गया है. चारों तरफ कोहरा ही कोहरा है. इधर कोहरा, उधर कोहरा. आसमान में कोहरा जमीन पर कोहरा. सड़क...

टुन्न थे, सुन्न हुए

यह लोकतंत्र की खूबसूरती है कि नयी सरकार बनने के बाद शुरुआती कुछ महीने वह चुनाव में अपनी पार्टी के किए गए वादे पूरे करने में चुस्ती...

शिकारी आएगा मगर हम नहीं फसेंगे

सूर्यास्त का समय था. जंगल से घिरे आश्रम के पेड़ों पर बसेरा करने वाली चिड़ियाँ अपने घोसलों में वापस लौट चुकी थी. उनकी मिलीजुली चहचहाट से आश्रम...

गाँधी जी का जन्मदिन – नेताजी का भाषण

हर साल की तरह इस साल भी २ अक्टूबर आ ही गया. हर साल की तरह इस साल भी भाषणों की झड़ी लगेगी, टीवी पर गाँधी फिल्म...