शोले को लाल सलाम

इतिहास किसी सटीक सहस्त्र कोणीय वीडियो पर आधारित नहीं होता. यह तथ्यों के अलावा इतिहासकार की कल्पना, कथा शैली, रुझान एवं पूर्वाग्रह आदि से मिलकर बनता है....

नैतिकता का तर्क

कुरुक्षेत्र में बने योद्धाओं के कक्ष। पितामह के आगे धर्मराज युधिष्ठिर, अर्जुन, भीम और वासुदेव कृष्ण उदास बैठे हैं। पितामह उनको बता चुके हैं कि शिखंडी को...

एक चैनल का प्राइम टाइम

दृश्य : किसी भी मुद्दे पर..किसी भी चैनल का प्राइम टाइम.. ******************************************* एंकर : हाँ तो ऐसा है..अलाय बलाय..ढिंका चिका...एक दो तीन....अंगूरी बदन...घूंघट में चंदा है..तुनक तुनक तुन तानाना...रा...

दलो का दलदल

मेढ़कों को तराजू के दो पलड़ों पर रखकर आप भले ही तौल लें पर चुनावी मौसम में माननीयों का लोकतंत्रीय उछल-कूद (मने दलबदल) रोकना लगभग असंभव है....

कोहरा प्रधान जीवन 

पिछले कई दिनों से जीवन कोहरा प्रधान हो गया है. चारों तरफ कोहरा ही कोहरा है. इधर कोहरा, उधर कोहरा. आसमान में कोहरा जमीन पर कोहरा. सड़क...

जियो और जीने दो

जुमले भी साकार होते है । बस उन्हे देखने वाली नजर होनी चाहिए । मेरी नजर तेज है । इस उम्र में भी मुझे चश्मे की जरुरत...

एमसीडी चुनावों पर तिरछी नजर

भारत एक चुनाव प्रधान देश है. एक चुनाव जाता नहीं कि दूसरा आ धमकता है. जल्दी-जल्दी चुनाव होने के अनेक फायदे हैं. इससे लोकतंत्र में जड़ता नहीं...

सिंगिंग रियलटी शो

एक जमाना था जब परीक्षा का प्रश्नपत्र सेट करने वाले विद्वान् विद्यार्थियों को चैलेन्ज जैसा कुछ देते थे कि वे पोस्टमैन, मेरा गाँव, रेलयात्रा जैसे विषयों पर...

गाँधी जी का जन्मदिन – नेताजी का भाषण

हर साल की तरह इस साल भी २ अक्टूबर आ ही गया. हर साल की तरह इस साल भी भाषणों की झड़ी लगेगी, टीवी पर गाँधी फिल्म...

हिन्दी दिवस पर कवि सम्मेलन

14 सितम्बर को हिन्दी दिवस मनाया जाता है। तरह-तरह के आयोजन होते है। प्रतियोगितायें भी। नारा प्रतियोगिता, काव्य प्रतियोगिता, टिप्पण लेखन। आदि-इत्यादि। वगैरह-वगैरह। एक्सेट्रा-वेक्सेट्रा! कुछ जगह तो...