प्राचीन व्यभिचारी रावण

कालिदास ने कहा है "उत्सवप्रिया: खलु मनुष्या" अर्थात मनुष्य उत्सव प्रेमी होते हैं । त्योहारों का उत्सव उन्हे अपने दुखों और वैमनस्य को भूलने का तथा प्रेम,...

Ananda Coomaraswamy

“Ananda Coomaraswamy!” said my friend Rohit on Twitter, “You haven’t heard of him? Read him! Dance of Siva is his best book!” Over the next few days I...

वो भारत – खंड १

वो भारत - खंड १ दावात्याग - इस रचना का यथार्थ से किसी भी प्रकार का कोई वास्ता नहीं है । यह लेखक के एक व्यसन विशेष के...

सम्राट हेमचन्द्र विक्रमादित्य – हेमू

शत्रु सेना और इस महायोद्धा के बीच एक चौड़ी दलदली पाट थी। शत्रु को लगा कि हाथी पर बैठा यह महायोद्धा इस दलदल को पार न कर...

सम्राट अशोक और नए शोधकार्य

इतिहास में जाकर उस समय की सच्चाई का अनुभव तो दूर, कल्पना तक कर पाना भी बहुत दुष्कर कार्य है । और यदि किसी देश का अधिकतर इतिहास...

महाराणा राजसिंह – चारुमती

बादशाह आलमगीर औरंगज़ेब ने तुम्हारी बहन चारुमती की ख़ूबसूरती के बारे में बहुत सुनकर ये फ़ैसला किया है कि वह चारुमती साई से विवाह करेंगे. यह सुनकर...

Battle of Diwer : हल्दीघाटी के बाद का इतिहास

क्या आपने कभी पढ़ा है कि हल्दीघाटी के बाद अगले १० साल में मेवाड़ में क्या हुआ..इतिहास से जो पन्ने हटा दिए गए हैं उन्हें वापस संकलित...

Article 370: Genesis, Context and the Way Forward

Article 370 of the Indian Constitution is one of the most debated topics in Indian polity. The reason for it lies in the fact that it gives...

बप्पा रावल

यह आलेख समर्पित है भारत वर्ष के उन महाप्रतापियों को जिन्होंने भारत वर्ष की संस्कृति को अक्षुण्ण रखने के लिए असंख्य बलिदान दिए । भारत वर्ष के इतिहास...

वो भारत खंड -3

दावात्याग: व्यसन वही है, कल्पना वही है. यथार्थ से वास्ता अब भी नहीं है. (वो भारत खंड -२ से आगे) अगली बैठक जिसमें घनानंद, संग्राम सिंह को उस भारत...