भांति भांति के पर्यटक

पर्यटन कभी ग्रीष्मकालीन छुटियों का पर्याय हुआ करता था. अप्रैल के आस पास से ही कुछ घरेलु पत्रिकाएं पर्यटन विशेषांक निकालने लगती थीं. इन्टरनेट के आगमन के...
Political Holi

दरबारी होली – बुरा न मानो होली है!

दिल्ली दरबार की होली सभा में राष्ट्रऋषि अपने सिंहासन पर विराजमान हैं. उनके नीचे की अति आरामदेह, आरामदेह और सामान्य कुर्सियों पर पदानुरुप मंत्री, संतरी और यंत्री...

Battle of Diwer : हल्दीघाटी के बाद का इतिहास

क्या आपने कभी पढ़ा है कि हल्दीघाटी के बाद अगले १० साल में मेवाड़ में क्या हुआ..इतिहास से जो पन्ने हटा दिए गए हैं उन्हें वापस संकलित...

Ananda Coomaraswamy

“Ananda Coomaraswamy!” said my friend Rohit on Twitter, “You haven’t heard of him? Read him! Dance of Siva is his best book!” Over the next few days I...

नीम हकीम या वैद्यजी – चुनाव आपका

साधन संपन्न मगर भोलेभाले लोगों से भरपूर एक आदर्श गाँव था। गाँव वाले इतने सीधे थे कि उन्हें ना तो पंचायत की आवश्यकता थी और ना हीं...

Glimpses of ‘Digital India’ in Hinterlands

By the time I reached Mughal Sarai Junction it was 2.30 AM. I was on way to Varanasi to take a morning flight and the time wasn't...

Doctors

As a sixteen-year-old, I once spent five days in the general ward of a govt. hospital. Every evening I walked in to packed rooms and insufficient beds....

यादों के झरोखे से : रिक्शावाला

"कै गो अमदी है?" - रिक्शेवाले ने पूछा! "अमदी"? - आँखो में प्रशनचिन्ह लिए अपने दोस्त की ओर देखा! मेरा मित्र जो बगल मे खड़ा था, उसने कहा...

टुन्न थे, सुन्न हुए

यह लोकतंत्र की खूबसूरती है कि नयी सरकार बनने के बाद शुरुआती कुछ महीने वह चुनाव में अपनी पार्टी के किए गए वादे पूरे करने में चुस्ती...

दिवाली पर बुद्धिजीवीयो के नाम खुला ख़त

डियर बुद्धिजीवियों, पटाखों से होने वाले प्रदुषण की ओर हमारा ध्यान आकर्षित करने के लिये धन्यवाद। पटाखे तो खैर हमें जलाना ही था। बाकी आपसे पर्यावरण को बहुत...