इस सप्ताह
लंबी आह
कितना पानी
मिले न थाह
फ़ैमिली साग़ा
खिंचता धागा
सब उधड़ेगा
बोले कागा
कहें मुलायम
हम हैं क़ायम
हयेंको पटके
किसमे है दम?
सुने न पूत
लातम-जूत
पावर-शावर
धनं अकूत
बजे न ताल
रामगोपाल
छिटके गोबर
चुप शिवपाल
फ़ाइट सीज़न
है भारी फन
पॉपकॉर्न ले
बैठो सज्जन
पोल ओपिनियन
शायन मन
स्याही फेंको
ले ल्यो धन
हालत बैड
पार्टी SAD
चोट लगेगी
बाँधो पैड
सिद्धू पा जी
हाँ जी ना जी
उड़ता आप
फिर क़द नाप
ट्रिपल तलाक़
ऊँची नाक
स्लेट पुरानी
घिस्सा चाक
हद्द कुतर्क
दिक्खे नर्क
शेख़-ओ-मोमिन
उन्हें न फ़र्क़
रटें उलेमा
सा रे गा मा
यू सी सी
आई सी
अंगुली टेढ़ी
निकले घी
रावण शेष
हैपी देश
फिर काहे को
इत्ता क्लेश
पुनः डिबेट
चढ़ता रेट
वोटर-मुट्ठी
बंद है फेट
उड़ता ट्रम्प
एयर पंप
कल ना कर दे
जनता डंप
करे हिलेरी
हेरा-फेरी
मेल डिलीटित
दिखी दिलेरी
ग्रेट डिवाइड
लिबरल क्राइड
कैन दे रीयली
टर्न द टाइड?
उधर शरीफ़
बैरियर रीफ़
डिमॉक्रेसी
डंब एंड डीफ
जागा फ़्रान्स
टूटा ट्रांस
होगा बंद
टेरर डान्स?
कुछ कर दूजा
हो गई पूजा
माँ परिवार
अपने द्वार
कृपा मिले तो
हो उद्धार

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